कचहरी परिसर में सास कुसुमा देवी के साथ मौजूद ज्ञानमती(पहले मृतका घोषित अब मिली जिंदा)।
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फिल्मी अंदाज में मृत घोषित महिला के अचानक जिंदा होने का मामला दूसरे दिन भी चर्चा का विषय बना रहा। सीजेएम कोर्ट में महिला के पिता ने भी बयान दिया कि गलती से गलत महिला की शिनाख्त कर दी थी।
मामले की जिरह कर रहे अधिवक्ता ने पुलिस विवेचक समेत महिला के पिता पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा और अदालत ने जेल में बंद निर्दोष दोनों की रिहाई कराने के लिए आदेश जारी किए हैं।
अदालत ने यह भी कहा कि जिस मृत महिला की गलत शिनाख्त हुई उसकी सही शिनाख्त न करना भी जांच का विषय है सीजेएम सुभाष सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विवेचक सीओ राजापुर ब्रजराज को तलब कर कड़ी फटकार लगाई।
गुरुवार को अदालत में ज्ञानमति के पिता ने ही पुराना बयान बदल दिया और बताया कि गलती से शव की शिनाख्त पुत्री के रूप में की थी। अदालत ने सीओ की विवेचना पर कहा कि अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त ज्ञान मती के रूप में करना घोर लापरवाही है।
विवेचना में यह भी नहीं बताया कि महिला की मौत का कारण क्या है। यह जांच का विषय है और साथ ही कौशांबी में मिले उस शव की सही पहचान कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही जेल में बंद निर्दोष महिला के पति व चचिया सास को रिहा करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।