चित्रकूट। दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य उर्फ फलाहारी बाबा का धर्मनगरी से भी गहरा नाता है। 2009-10 में कामतन मार्ग पर एक विशाल आधुनिक सुविधाओं से युक्त मधुसूदन सेवाधाम आश्रम है। जिसमें साल में दो या तीन बार बाबा स्वयं भक्तों के साथ पधारते रहे हैं। इसके अलावा आश्रम में यात्री किराया देकर ठहरते हैं। इस घटना के बाद आश्रम में रहने वाले और आसपास के लोग अचंभित हैं। आश्रम के पुराने पुजारी का मानना है कि बाबा दुराचारी तो नहीं हो सकते ऐसा कभी देखा नहीं है जबकि कुछ ने दबी जुबान में कहा कि इन सबका क्या बताएं कुछ भी संभव है।
पूरे देश में अभी हरियाणा के बाबा रामरहीम वाला प्रकरण चर्चित है। इसी बीच अलवर वाले फलाहारी बाबा उर्फ स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य पर दुराचार का मामला थाने में पंजीकृत होने के बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गिरफ्तारी से सब हैरान हुए। अखबार व टीवी में फोटो सहित खबरें देखने के बाद धर्मनगरी के लोग भी अचंभित हुए। फलाहारी बाबा का धर्मनगरी से गहरा नाता है। उनकी गिरफ्तारी की जानकारी होते ही कामतन मप्र मार्ग पर स्थित मधुसूदन सेवाधाम आश्रम के आस पास पुलिस व अन्य लोगों की चहल पहल शुरू हो गई। सभी इस आश्रम में आने जाने वालों पर नजर रखने लगे। आश्रम में मौजूद लोग किसी से बात भी नहीं कर रहे। आश्रम में एसी से लेकर कूलर वाले रूम में ठहरे यात्री जा चुके हैं।
2011 में बना मधूसूदन सेवाधाम
चित्रकूट। कामतन मार्ग पर स्थित फलाहारी बाबा के इस आश्रम की जमीन 2009-10 में बाबा ने ली थी। स्थानीय लोगों के अनुसार जमीन खरीद के मामले में भी पहले विवाद हुआ था। 2011 में रामजानकी मंदिर बनकर तैयार हुआ। आश्रम के पुजारी लीलाधर निवासी कौशांबी ने बताया कि वह लगातार इस आश्रम में हैं। यहां लगभग एक दर्जन कमरे हैं। जिसमें कुछ एसी, टीवी वाले भी हैं। जिसका किराया निर्धारित है। देखरेख करने को रीवा के कमला प्रसाद तिवारी व सतना के संतू तिवारी रहते हैं। इस घटना के बाद आश्रम में यही तीन लोग ही बचे हैं।
बड़े नेताओं से हैं सपंर्क
चित्रकूट। आश्रम में रहने वाले इन सभी का कहना है कि बाबा ऐसे नहीं हैं। उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। उनके संपर्क में चित्रकूट-बांदा के बडे़-बडे़ नेता व जनप्रतिनिधि रहते हैं। ऐसी बात कभी उनके सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगोें ने कहा कि बाबा की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। इस मामले में कहा कि आजकल कुछ भी संभव है। एक बाबा को एसी युक्त, टीवी मोबाइल युक्त सुविधाओं के अलावा वीवीआईपी गाड़ियों से घूमना ही संदेह के घेरे में रखता है। फलाहारी बाबा का जिले के कई बडे़ नेताओं के यहां भी आवागमन रहा है।