चित्रकूट। दो साल पहले किसान के अपहरण के मामले में एक आबकारी विभाग के सिपाही समेत दो लोगों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में दूसरे आरोपी आबकारी विभाग के एक अन्य सिपाही को अदालत में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। जानकारी के अनुसार 25 मई 2014 को मानपुर भरतकूप के भइयालाल का गांव जाते समय अपहरण कर लिया गया था। इसके बदले में 60 हजार की फिरौती मांगी गई थी। इसके बाद 26 मई को उसके अपहृत के पुत्र शिवशंकर ने आबकारी विभाग में तैनात सिपाही कमलाकांत व प्रमोद कुमार समेत एक सेल्समैन वीरू के खिलाफ अपहरण कर फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें एंटी डकैती कोर्ट के जज पीके श्रीवास्तव ने आबकारी विभाग के एक सिपाही कमलाकांत को बीते दिन संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
सोमवार को इसी अदालत ने दूसरे सिपाही प्रमोद कुमार व वीरू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि दोनों सिपाही आगरा आबकारी विभाग में तैनात थे जिसमें कमलाकांत अतर्रा व प्रमोद हमीरपुर का निवासी है। इस मामले में कोतवाली व सीतापुर पुलिस ने फिरौती की रकम के साथ तीनों आरोपियों को पकड़ लिया था। साथ ही भइया लाल की सकुशल रिहाई कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही तीनों जेल में थे। अब बरी होने वाले सिपाही की रिहाई हो जाएगी।