अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। आमतौर पर देखा सुना गया है कि पुलिस ने डाकुओं की अथवा अपराधियों की घेराबंदी की लेकिन अंधेरे का लाभ उठाकर आरोपी भागने में सफल होते हैं। मंगलवार को तड़के सुबह से लेकर दोपहर तक आमने सामने कुख्यात सात लाख का इनामी डाकू बबुली कोल गैंग पुलिस पर फायरिंग झोंकता रहा लेकिन उसका बाल बांका नहीं हुआ।
कहना गलत न होगा कि दिन के उजाले में डाकू गैंग पुलिस की आंख में धूल झाेंककर जंगल की ओर भाग निकला।
मारकुंडी थाना क्षेत्र के टिकया से लेकर इटवां के बीच लगभग आधा किमी की दूरी पर डाकू गैंग ने तड़के से ही सड़क पर ही आतंक फैलाना शुरू कर दिया था। पहले तो तीन घंटे तक आस पास के लोगों की हिम्मत नहीं हुई कि पुलिस सूचना दें। यहां तक कि ट्रक व टेपों चालक भी पिटे लेकिन सभी चुपचाप निकल लिए। वो तो इत्तेफाक था कि अनूपुर मप्र से आ रहे एक परिवार के पिटे सदस्यों ने रास्ते में ही मोबाइल छिनने के बाद वाहन में अपनी पुत्री के एक बचे मोबाइल से रिश्तेदार को जानकारी दे दी तो पुलिस सूचना मिल गई।
इसके बाद भी पुलिस पहुंची। आधे घंटे तक महज दो सौ मीटर की दूरी पर गैंग के सदस्य शराब के नशे में झूमते असलहे लहराकर पुलिस को चुनौती देते रहे लेकिन उनका बाल बांका नहीं हुआ। एक घंटे बाद जिले के पुलिस आला अफसर आधुनिक शस्त्र लेकर पहुंचे इसके बावजूद सामने से भाग रहे डकैतों का कुछ भी नहीं कर पाए।
दस-बारह डकैतों में किसी एक को पुलिस की गोली छू तक नहीं पाई। गैंग के भागने पर कई पुलिस अधिकारियों ने घोर निराशा भी जताई। बोले कि इससे अच्छा मौका नहीं था इस डाकू को मारने का। बिल्कुल सामने से बच कर भाग गया डाकू गैंग। खुद पुलिस अधीक्षक ने माना कि पुलिस टीम काफी नजदीक तक पहुंच चुकी थी लेकिन भाग्य से डाकू बच गए।