प्रसव पीड़ा से कराह रही प्रसूता की समय से एंबुलेंस न मिलने पर मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने परिजनों के साथ अस्पताल परिसर में हंगामा काटा। सीडीओ व सीएमओ की पूछताछ में एंबुलेंस के प्रभारी ने बताया कि फोन शाम को किया गया था, जिसके लगभग आधे घंटे बाद एंबुलेंस उपलब्ध करा दी गई थी। हालांकि देर शाम तक प्रसूता के परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। वहीं नवजात स्वस्थ है।
शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के इटखरी नेता का पुरवा निवासी रामचंद्र की पत्नी रानी बेटी (23) को सोमवार सुबह प्रसव दर्द हुआ। प्रसूता के पति ने बताया कि सुबह लगभग सात बजे 102 एंबुलेंस को फोन किया था। घंटों इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। शाम को लगभग चार बजे 108 एंबुलेंस आई। अस्पताल जाते समय प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
शिवरामपुर सीएचसी पहुंचने पर डाक्टर व स्टाफ ने प्रसूता को मृत घोषित किया और नवजात को इलाज के लिए भर्ती कर लिया। प्रसूता की मौत की पुष्टि के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
जानकारी पर सीडीओ जेपी पांडेय व सीएमओ डा.रामजी पांडेय मौके पर पहुंचे। सभी पक्षों को समझाने के बाद पूछताछ की। सीएमओे ने बताया कि एंबुलेंस प्रभारी विश्वजीत ने उन्हें बताया कि सुबह 9 बजे फोन नहीं आया बल्कि शाम लगभग तीन बजे काल आई थी। इसके आधे घंटे बाद एंबुुलेंस पहुंच गई थी। प्रसूता ने सुबह ही घर में बच्चा जना था। बच्चा जनने के बाद से प्रसूता समस्या आ गई तो परेशान परिजनों ने आशा शशि प्रभा को बुलाया था। घर में ही काफी देर तक प्रयास के बाद भी हालत सही नहीं हुई और प्रसूता की मौत हो चुकी थी। नवजात स्वस्थ होने के कारण सभी ने मिलकर एंबुलेंस बुलाई और फिर यह आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता अभी तक सुबह एंबुलेंस को फोन करने का रिकार्ड नहीं दिखा पाए हैं। उधर, चौकी प्रभारी रामवीर सिंह ने बताया कि हंगामे के बाद परिजनों को समझा दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी तक किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं मिली है।