अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट/पहाड़ी। डाकू गोप्पा तो पुलिस के हत्थे चढ़ गया लेकिन गैंग के बचे सदस्य फिर से सक्रिय होने लगे हैं। जेल में बंद डाकू के खिलाफ अदालत में गवाही रोकने के लिए बीती रात में एक युवक पर चार फायर झोंके। युवक तो बाल-बाल बच गया लेकिन एक गोली उसके पैर में जा धंसी। घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस इस घटना को संदिग्ध बता रही है।
पहाड़ी थानाक्षेत्र के नहरा निवासी कुमकुम उर्फ अखिलेश उपाध्याय पुत्र राधेकृष्ण ने शुक्रवार को बताया कि वह गुरुवार की रात को पहाड़ी से बाइक द्वारा अपने गंाव जा रहा था। जैसे की अगरहुंडा गांव के मोड़ पर पहुंचा तो झाड़ियों में छिपे आधा दर्जन बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एक गोली उसके बाइक के हैंडल में लगी तो वह नीचे गिर गया। इसके बाद एक गोली उसके पैर में घुटने के नीचे लगी।
वह किसी तरह बचकर इधर उधर भाग कर जान बचाया। घायल ने बताया कि इसके बाद भागते समय बदमाशों ने दो हवाई फायरिंग भी की है।
पीड़ित ने दावा किया कि आरोपियों में एक डाकू गोप्पा का भांजा रजुआ है। जो गोप्पा के जेल जाने के बाद से बचे गैंग की कमान संभाले है।
उसके साथ महेंद्र पासी व मुन्ना यादव कुल छह लोग थे। घायलावस्था में ही उसने फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। कुछ देर बाद परिजन घटनास्थल पहुंचे और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में थानाध्यक्ष मो.शरीफ खान ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है लेकिन बदमाशों द्वारा घटना को अंजाम देने के आरोप संदिग्ध हेैं। इन दिनों पुलिस का डकैतों के खिलाफ तेज अभियान है जिससे बचे डकैत सभी जान बचाए घूम रहे हैं। कुछ इसमें पारिवारिक विवाद का मामला लगता है।
चित्रकूट। गोली लगने से घायल कुमकुम ने बताया कि उसके बहनोई कौशांबी निवासी विनोद पांडेय समेत तीन लोगों को डाकू गोप्पा ने एक साथ मार डाला था। उसी मामले में अब उसके जेल जाने के बाद से अदालत में गवाही न देने का दबाव उसके बदमाश रिश्तेदार दे रहे हैं। कई बार पहले धमकी भी दे चुके हैं।