पाठा के जंगल में डकैतों की तलाश में मौजूद पुलिस टीम।
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कुख्यात डाकू बबुली कोल और लवलेश कोल के घायल होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में पहाड़ों की बजाय बस्ती के आसपास डेरा डाल लिया है। घायल डकैतों की सही लोकेशन के लिए तीन खास मुखबिरों को जंगल में उतारा गया है। ये मुखबिर आधुनिक संचार प्रणाली से लैस हैं। इन्हीं मुखबिरों से मिली लोकेशन के आधार पर 12 हजार के इनामी डाकू शारदा कोल को ढेर कर दिया और डाकू किशोरा को दबोच लिया।
24 अगस्त को मानिकपुर के औदर जंगल में हुई मुठभेड़ में डकैतों की गोली से एक दरोगा के शहीद होने और दूसरे के घायल होने के बाद से पुलिस ने डकैतों के खिलाफ जंग छेड़ दी। 3 सितंबर की रात पुलिस ने डाकू बबुली कोल गैंग के शार्प शूटर 12 हजार रुपये के इनामी शारदा कोल को मार गिराया। अगले ही दिन सुबह यानी 4 सितंबर को गैंग के डाकू किशोरा को दबोच लिया।
सूत्रों की मानें तो पुलिस टीम को यह सफलता खास मुखबिरों की सहायता से मिली है। ये लोग डाकू गैंग से भी जुडे़ हैं। इन्हें पकड़ने के बाद पुलिस ने मुखबिर बनाकर घायल सरगना बबुली कोल, लवलेश कोल, रजोला और एक डकैतों की लोकेशन जानकारी देने को कहा है।
इन मुखबिरों की मदद से ही दो सफलता मिली है। इनसे मिले इनपुट के आधार पर अब पुलिस टीम जंगल और पहाड़ के आसपास कम, बस्ती के आसपास ही डेरा जमाए है। मुखबिर से लोकेशन मिलने पर ही डकैतों को दबोचने की रणनीति बनाई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार काम कर रहीं हैं। डकैतों के खात्मे के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।