चित्रकूट। घर से युवक का अपहरण करने के मामले में अपर
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या चार पूर्णेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने
दो आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन
अधिकारी मनमोहन वर्मा ने बताया कि बहिलपुरवा थाने में मलकिनिया पत्नी
चुन्नीलाल ने 24 जून 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पति को बिलहरी
गांव के सत्रोहन पुत्र रामसिया यादव और भतीजवा उर्फ रामशरण यादव पुत्र
लज्जू 17 जून 2009 को रात में घर से घसीटकर ले गए।
ये लोग उसके पति
का मोबाइल भी साथ में ले गए थे। अगले दिन बहिलपुरवा थाने में सूचना देने
पर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। इस पर वह तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से
मिली थी और उनके निर्देश पर लगभग एक हफ्ते बाद रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
चुन्नीलाल
का पता नहीं लग सका था और मलकिनिया ने आशंका जताई थी कि उसके पति की इन
दोनों ने हत्या कर दी है। सत्रोहन को गौरी यादव गिरोह का सदस्य बताया गया
था।
बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की
सजा सुनाई।
साथ ही इन दोनों को पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।