औरैया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह ने फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम नगला अंधियारी निवासी एक युवक को नाबालिग से दुष्कर्म करने के 16 माह पुराने मामले में दस साल की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने दोषी को एक लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार, छह नवंबर 2017 की रात लगभग 8:30 बजे वादी के छोटे भाई की 15 वर्षीय पुत्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समीप एक हैंडपंप पर पानी लेने गई थी। विद्यालय के समीप मौजूद दीप सिंह पुत्र जबर सिंह दोहरे ने वहां जल रहा बल्ब बंद कर दिया। अंधेरे में पीड़िता को कमरे में ले जाकर तमंचा दिखाकर दुष्कर्म किया। जब लड़की पानी लेकर वापस नहीं आई तो वादी का पुत्र उसे देखने गया। उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। शिकायत करने पर दीप सिंह व उसके साथियों ने पुत्र व पीड़िता को लात घूसों से पीटा। दीप सिंह ने उसकी भतीजी को चाकू भी मार दिया।
इससे उसके हाथ की अंगुली कट गई। इस रिपोर्ट पर थाना फफूंद में दीप सिंह के खिलाफ धारा 376, 323, 324 व पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज हुआ। चार्जशीट लगने के बाद यह मुकदमा एडीजे प्रथम लल्लू सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने दीप सिंह को दस साल के कठोर कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायालय ने प्राप्त अर्थदंड की धनराशि में से पच्चीस हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का भी आदेश दिया। दीप सिंह को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
-फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 माह पुरानी घटना
अमर उजाला ब्यूरो