चित्रकूट । गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध होने पर सगे दो भाईयों को दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वाले राजापुर गांव के बरूवा निवासी हैं।
गुरुवार अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि 22 मार्च 2011 को राजापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरूवा गांव के खुटहाई पुरवा की निवासी कुंता देवी पत्नी किशोर ने राजापुर थाने में तहरीर दी कि उसकी बस्ती में ही रहने वाले फदाली व गेंदेलाल पुत्रगण भइयालाल व ललतू पुत्र फदाली ने उसके पति किशोर और बेटे रवि पर हमला किया था। पुलिस ने पहले मामले में मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। गंभीर हालत में जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने किशोर को प्रयागराज रेफर कर दिया। जहां एक सप्ताह तक इलाज के बाद 31 मार्च 2011 को किशोर की मौत हो गयी।
पुलिस ने इस मामले में दर्ज एनसीआर की धाराओं में परिवर्तन कर गैर इरादतन हत्या की धारा भी लगाई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसमें ललतू पुत्र फदाली के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर किशोर बोर्ड भेज दी गयी थी। शेष बचे दो अभियुक्त गेंदेलाल, फदाली पुत्र भइयालाल केवट के मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कुसुमलता ने दोष सिद्ध होने पर सगे भाइयों को दस-दस वर्ष कठोर कारावास एवं 21-21 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की धनराशि मेें से आधी धनराशि मृतक किशोर की पत्नी कुंता देवी को देने के आदेश दिए हैं।
निर्णय के समय अभियुक्त गेंदेलाल के न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने के चलते उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने तथा जमानत दारों के विरुद्ध धारा 446 के तहत कार्यवाही करने के लिए प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिये हैं।
हत्या मामले में सगे भाइयों को दस साल कैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो