खुद अपने अपहरण की रची साजिश
अमर उजाला
चित्रकूट। शहर से अपहृत छात्र ने अपने अहरण की साजिश रचा और खुद के अपहरण होने की सूचना दूसरे के मोबाइल से परिजनों को दी। फोन से परिजनों को डराया था कि बदमाश रुपये मांग रहे है। लेकिन इस अपहरण के खेल का पर्दाफाश पुलिस ने छात्र को झांसी से सकुशल बरामद कर कर दिया।
पूछताछ के बाद उसे परिजनों को सौंपा गया। अपहृत के अनुसार उसने घर से रुपये ऐंठने के लिए अपहरण का नाटक रचा था।
अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत कुमार चौधरी ने बताया कि शहर के सदर बाजार निवासी छोटेलाल सिंह ने कोतवाली में सूचना दी कि उनका नाती कक्षा आठ का छात्र का छात्र विनोद सिंह पुत्र रामदयाल निवासी ग्राम जनेह थाना जनपद रीवा मप्र चार जून की रात को गायब हो गया। इसके बाद पांच जून की सुबह मोबाइल से कॉल आयी बताया कि उसे बदमाशों ने पकड़ लिया है और उसे मारपीट रहे है। पुलिस ने इस सूचना पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर खोजबीन शुरू की। जिसमें पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा के निर्देश पर दो टीमें बनाई गईं।
सर्विलांस के मदद से अपहृत विनोद को एसआई दयालदास एवं उनकी टीम ने झांसी रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर लिया। छात्र ने बताया कि उसे झांसी स्टेशन पर एक वेंडर राजू मिला। उससे दोस्ती कर ही फोन कराया था। खुद को बदमाश बनकर परिजनों को रुपये की खातिर डराया धमकाया था। रात को घर से निकलकर कर्वी रेलवे स्टेशन पहुंचा। महाकौशल एक्सप्रेस में बिना टिकट बैठ गया। झांसी पहुंचने के बाद वह स्टेशन पर उतरा और योजना के अनुसार परिजनों को डराया धमकाया था। पुलिस ने विनोद को उसके परिजनों को साैंप दिया है।