चित्रकूट। राजस्थान के झुनझुन जिले में ईंट के भट्टे में बंधुआ की तरह कार्य करने वाले 33 मजदूरों को बंधुआ मुक्त मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने छुड़ाने में सफलता प्राप्त की। सोमवार को छूटकर मुख्यालय पहुंचे मजूदरों ने बताया कि भट्ठा मालिक बंधुआ बनाकर कार्य करा रहे थे। जिमसें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। मजदूरी मांगने पर उनके बच्चों की पिटाई व धमकी मिलती थी।
बंधुआ मुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामभजन ने बताया कि राजस्थान झुंझुन जिले के पचेरी गांव में ईट भट्टा में जिले के पड़री गांव के मजदूर व उनके परिवार के सदस्य कार्य कर रहे थे। जिनके साथ परिवार की महिलाएं व बच्चे थे। सभी को बंधक बना का मजदूरी कराई जा रही थी। जिसकी जानकारी होने पर मोर्र्चे के प्रदेश अध्यक्ष दलसिंगार ने वहां के जिलाधिकारी से बात की । जिन्होंने पांच दिन पूर्व पुलिस अधिकरियों को भेजकर मजदूरों को मुक्त कराया। इसके बाद कागजी कार्रवाई कर मजदूरों को जिले के लिए रवाना भी कराया। इसी संबध में बंधुआ मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश ने बताया कि इस विषय में प्रदेश की सरकारें कोई पहल नहीं कर रही है। जिससे मजदूर बंधुआ मजदूरी करने विवश हैं। वहां से छूटकर घर वापसी पर सभी मजदूरों के चेहरे में खुशी के भाव दिखे।