मासूमों के हत्यारों को सजा दिलाने पर ही मिलेगा सुकून
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मासूम जुड़वां बच्चों के अपहरण मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मासूम श्रेयांस व प्रियांश के हत्यारों को जब तक सजा नहीं मिलेगी, मै चैन से नहीं बैठूंगा। चित्रकूट के कांग्रेस विधायक नीलांशू चतुर्वेदी से फोन के जरिए पीड़ित परिजनों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बच्चों के परिवार को न्याय दिलाना उनकी जिम्मेदारी है, जिसे वह पूरा करेंगेे। इसमें विपक्षी जबरन राजनीति करने का प्रयास न करें। विपक्षी जांच को प्रभावति भी न करें ताकि सही आरोपी को सजा मिले वह चाहे जिस दल या संगठन का हो। उनका मकसद मासूम बच्चों की हत्या करने वालों को सजा दिलाना है और वह पीड़ित परिवार की हर तरह की मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि निर्मम हत्याकांड के अपराधियों को जिसने भी संरक्षण दिया है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने मासूम के पिता बृजेश रावत से फोन पर बातचीत कर आश्वत किया है कि उनके परिवार पर जो दुख का पहाड़ टूटा है। उसकी भरपाई तो नहीं की जा सकती। लेकिन फास्ट ट्रैक न्यायालय के जरिए इस पूरे मामले की सुनवाई कर अपराधियों को अत्यंत कड़ी सजा मिले। इसका पूरा प्रयास सरकार करेगी।
इन सवालों का जवाब दे ट्रस्ट
चित्रकूट। सद्गुरू सेवा ट्रस्ट के पब्लिक स्कूल के परिसर के अंदर से ही अपहरण कर ट्रस्ट परिसर के आसपास ही बच्चों को दो दिन तक छुपाए रखने से लगातार चौथे दिन भी ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इनमें सवाल यह हे कि इसी ट्रस्ट के स्कूल में पढ़ने वाले दो बच्चों का स्कूल परिसर से बस चालक व परिचालक टीचर और बस सवार बच्चों के सामने अपहरण कैसे हो गया। जब बदमाश परिसर में घुसे तो ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें क्यों नहीं रोका, जब सीसी कैमरे से निगरानी की जाती रही तो तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की गई। गेट क्यों नहीं बंद कराए गए। घटना के बाद बच्चों के परिजनों को क्यों नहीं सूचित किया गया। बदमाश दो दिनों तक ट्रस्ट परिसर के पास ही बच्चों को छुपाए रखा। इसकी भनक नहीं लगी। बच्चों के बस में सवार होने व बस के रवाना होने की सटीक सूचना किसने दी। ट्रस्ट के पुजारी व शिक्षक को संरक्षण कौन दे रहा था। स्कूल संचालन के लिए लागू किए गए नियम व शर्तों के अनुसार स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और सीसी कैमरे की निगरानी का पालन क्यों नहीं किया गया। पीड़ित बृजेश रावत समेत कई अन्य लोगों के सवाल हैं जिनका जवाब जनता मांग रही है।
कई स्थानों पर आरोपियों के साथ पहुंची पुलिस
चित्रकूट। जुड़वां बच्चों की हत्या के बाद पकड़े गए सभी छह आरोपियों को लेकर मप्र सतना व नयागांव पुलिस टीमें गुरुवार को ग्रामोदय विवि के आसपास और जानकीकुंड अस्पताल से लेकर रजौला मार्ग की ओर गईं। एसपी सतना संतोष गौर ने बताया कि इस वीभत्स हत्याकांड से जुडे़ हर सबूत को एकत्र किया जा रहा है।