12 साल पहले की हत्या का लिया बदला
मऊ(चित्रकूट)। बात 18 मार्च सन 2008 की है। जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी। अहिरी निवासी द्वारिका प्रसाद उर्फ पप्पू द्विवेदी की जिले की सीमा से सटे शिवराजपुर में उनकी हत्या की गई थी। घटना को 12 साल हो गए लेकिन उस दुश्मनी का बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप धारण कर लिया और बदले में तत्कालीन हत्या में आरोपियों पर जानलेवा हमला हुआ। सपा नेता उग्रसेन मिश्रा पर ही पूर्व ब्लाक प्रमुख की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था। इसे लेकर तब से अब तक कई बार हमले हो चुके हैं। इस बार भी सपा नेता तो बाल बाल बच गए लेकिन उनका भतीजा दुर्गेश वारदात का शिकार बन गया।
मऊ कस्बे में स्थित पुलिस थाने में पीस कमेटी की बैठक हो रही थी तभी इलाके में अशांति फै ल गई। ताबडतोड़ गोलियों से गूंजे इलाके में आसपास के दुकानदार भयभीत होकर दुकान बंद कर दिये। स्थानीय लोगों ने बताया कि सपा नेता उग्रसेन मिश्रा की छवि भी मऊ व बरगढ़ इलाके में दबंग किस्म की रही है। कई गंभीर मामलों में उनका नाम उछलता रहा है। अब तक यही माना जा रहा है कि पूर्व ब्लाक प्रमुख के परिजन उस हत्याकांड को भूले नहीं और इस घटना को अंजाम दे डाला। इस मामले में इसी परिवार के सदस्यों व उनके समर्थकों पर ही शक की सुई मंडरा रही है।
जवाबी हमला का नहीं मिला मौका
चित्रकूट। हमलावरोें के अचानक गोलियां चलाने से सपा नेता व उनके सहयोगियों को जवाबी हमला करने का मौका नहीं मिला। जानकारी के अनुसार सपा नेता उग्रसेन मिश्रा के वाहन में भी कई असलहे रखे थे लेकिन कोई जवाबी फायरिंग नहीं कर सके।
सपा नेताओं ने की निंदा
चित्रकूट। इस हत्याकांड की सपा नेताओं ने कड़ी निंदा की है। जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। भाजपाइयों के इशारे पर ही सपा नेताओं पर हमले किए जा रहे हैं।