चित्रकूट। मानिकपुर के गढ़चपा ककरहुली पुरवा में तेंदुए का शिकार करने वाले सगे भाइयों की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।
बुधवार को मुख्यालय स्थित अदालत में तेंदुआ का शिकार करने वाले ककरहुली पुरवा निवासी माताप्रसाद के पुत्र जितेंद्र व नारेंद्र की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। एसडीओ एके अग्रवाल ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों की याचिका खारिज कर दी है। गौरतलब हेै कि 20/21 अप्रैल की रात पुरवा में इन्हीं दो भाईयों ने गांव के कुछ और लोगों के साथ मिलकर करंट फैलाकर ही तेंदुए का शिकार किया था। जिसमें बाद में पकड़े जाने पर बहाना बनाया था कि उनकी गाय पर तेंदुए ने हमला किया था तो उसे बचाने के लिए तेंदुए को मारना पड़ा।
मुखबिर की सूचना पर जब वन विभाग के डीएफओ कैलाश प्रकाश व एसडीओ एके अग्रवाल मौके पर पहुंचे तो पुरवा से कुछ दूरी पर शिकार किए गए तेंदुए को जमीन पर गाड दिया गया था। उसकी खाल नाखून व अन्य कीमती अंग के हिस्सों को भी गाड कर रखा गया था। जिसकी बाद में तस्करी की जानी थी।