जांच अधिकारी पर नहीं भरोसा, ट्रस्ट पर संदेह
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। अपहृत जुड़वा बच्चों की हत्या के बाद से चौथे दिन बुधवार को चित्रकूट क्षेत्र में शांति रही। पुलिस बल भी कई स्थानों से कम कर दिया गया है लेकिन अभी जानकीकुंड अस्पताल व स्कूल बंद है। जिससे मरीजों के अलावा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। उधर सतना डीएम व आईजी ने जो जांच टीम गठित की है उसमें नामित अधिकारी के नाम पर पीड़ित परिवार के बच्चों के पिता बृजेश रावत ने आपत्ति की है। सतना डीएम को फोन कर जांच अधिकारी को बदलने की मांग की है। 12 फरवरी से अपहरण के बाद से 24 फरवरी को अपहृत तेल उद्यमी के बृजेश के पुत्र प्रियांश व श्रेयांश के शव मिलने और फिर बवाल के बाद 27 फरवरी तक निशाने पर रहे सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अस्पताल व स्कूल में सबकुछ अस्त व्यस्त है। आरोप लगे कि यहां के प्रबंध कमेटी से लेकर कई सदस्यों की लापरवाही से यह कांड हुआ। इस ट्रस्ट के कामों और इस घटना से जुडे़ मामले की जांच जरूरी है। बवाल के दिन ट्रस्ट के कर्मचारी व पढ़ने वाले छात्रों ने भी प्रदर्शनकारियों पर लाठी चटकाई थी। मास्टर माइंड पद्मशुक्ला के पिता रामकरण इसी ट्रस्ट के मंदिर के पुजारी व संस्कृत विद्यालय के शिक्षक निकले उन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। जिनकी जांच चल रही है। अस्पताल के डा. इलेश जैन ने बताया कि ट्रस्ट ने खुद पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आरोपियों को ट्रस्ट से नौकरी से निकाल दिया है।
इसी घर में रखे गए थे बच्चे!
चित्रकूट। जानकीकुंड के सदगुरु ट्रस्ट के मंदिर के पुजारी रामकरण के एक आवास पर दो दिन तक बच्चों को रखने का आरेाप है। मृतकों के पिता ने बताया कि या तो ट्रस्ट के आंवटित आवास या सड़क किनारे बने इसी घर में बच्चों को रखा गया है।