चित्रकूट। छह लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग से गुरुवार को तड़के मानिकपुर के जंगलों में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। लगभग आधे घंटे तक दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद सरगना भाग निकला, लेकिन गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस ने असलहों के साथ दबोचने में सफलता प्राप्त की।
मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर केशव प्रसाद दुबे, एसआई शिवप्रकाश, प्रभारी एंटी डकैती टीम डीआईजी रेंज बांदा अपनी-अपनी टीमों के साथ कांबिंग करते हुए कल्याणपुर की तरफ से सुबह परासिन के जंगल जा रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि कल्याणपुर जंगल की भौंटी (टीला) में दस्यु बबुली कोल गैंग के कुछ सदस्य मौजूद हैं। एंटी डकैती टीम आगे बढ़े तो पहाड़ी के नीचे तीन लोग आते हुए दिखाई दिये। रोकने पर जान से मारने की नीयत से पुलिस पार्टी पर फायर किया। पुलिस ने बचाव में फायर करते हुए आत्मसमर्पण को ललकारा। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बदमाश भाग नही पाये। पुलिस से तीन तरफ से स्वयं को घिरा देखकर सरेंडर कर दिया। गिरफ्तार बदमाश इंद्रजीत कोल पुत्र कैलाश कोल निवासी नागर के कब्जे से एक देसी रायफल 315 बोर व तीन कारतूस व तीन खोखा, संदीप उर्फ फल्ली पुत्र झाली उर्फ नत्थू निवासी नागर के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर व पांच कारतूस व दो खोखा कारतूस 315 बोर, सुनील उर्फ सोनू पुत्र जागेश्वर के कब्जे से सात कारतूस बरामद हुआ है। बदमाशों ने बताया कि विगत ढाई माह से बबुली गैंग में शामिल रहे हैं और बबुली ने ही भेजा था कि कल्याणपुर के पास कुछ लोग मिलेंगे और उन्हें कारतूस देंगे। बताया कि एक मार्च को दिन में नागर के पास ठर्री के जंगल मे पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। उसमें वह शामिल थे।