फोटो- 15 सीकेटीपी- 9 व 10 परिचय - घटना की जानकारी देते मृतका के मायका के परिजन और मृतका प्रेमावती की फाइल फोटो।
महिला ने लगाई आग, मौत
मायका पक्ष ने प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
पड़ोस के घर से खिड़की तोड़ कमरे में घुसे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
पहाड़ी (चित्रकूट)। पारिवारिक विवाद से परेशान महिला ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। परिजन पड़ोसी के घर से खिलड़ी तोड़कर अंदर पहुंचे तब तक उसकी मौत हो गई। मृतका के मायके वालों ने उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थानाक्षेत्र के कुचारम निवासी वंशगोपाल की पत्नी प्रेमावती (40) ने रविवार सुबह अपने कमरे को अंदर से बंद कर आग लगा ली। घटना के समय घर में कोई नहीं था। परिवार के सदस्य गांव के दूसरे घर में थे। कुछ देर बाद घटना की जानकारी होते ही पति व अन्य परिजन आए और दरवाजा खोलने का प्रयास करने लगे लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पड़ोस के घर से अंदर जाने के बाद खिड़की तोड़कर कमरे में परिजन पहुंचे तब तक महिला बुरी तरह झुलस चुकी थी। कमरे में रखे हजारों रुपये की सामग्री भी जल गई। किसी तरह महिला को बाहर निकाला गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी होने पर मृतका की भाभी एरान माफी निवासी संगीता भाई मोतीलाल, भतीजा राममिलन व सिद्धगोपाल गांव पहुंचे। मायका पक्ष ने आरोप लगाया कि पारिवारिक विवाद मेें बंटवारे को लेकर प्रेमावती को प्रताड़ित किया जाता था। प्रताड़ना से तंग आकर उसने आग लगाकर जान दी है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मृतका के पति वंशगोपाल ने बताया कि घटना के कारण की जानकारी नहीं है। घर में कोई विवाद नहीं हुआ था। मृतका के छोटे पुत्र शिवगोपाल ने माना कि परिवार में बंटवारे को लेकर पिता व उनके पारिवारिक सदस्यों से विवाद चल रहा था। यहां तक कि मां से भी पिता का विवाद हुआ था। थानाध्यक्ष अरुण पाठक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
पति से था मनमुटाव
ग्रामीणों के अनुसार वंशगोपाल सूरत में चश्मे का काम करता है। एक माह पूर्व वह गांव आया है। उसके दो पुत्र गोपाल व शिव गोपाल हैं। दोनो की शादी हो चुकी है। वंशगोपाल व मृतका पत्नी प्रेमावती के बीच एक साल से मनमुटाव चल रहा था। जिस कारण प्रेमावती पुरवा वाले घर में अकेले रहती थी। दोनो पुत्र गांव के घर में रहते थे। वंशगोपाल जब गांव आता था तो वह पुत्रों के साथ रहता था।