अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुठभेड़ में मारा गया डाकू शारदा कोल दस्यु बबुली कोल गैंग का सबसे पुराना और भरोसेमंद सदस्य था। कभी यह दस्यु ददुआ गैंग का पिट्ठू था। धीरे-धीरे गैंग में शामिल हो गया। वह जेल भी गया था। डकैतों के बैग और कारतूस के पट्टे टांगकर चलने वाले शारदा को गोली चलाने का बड़ा शौक था। ददुआ के रहते तो वह असलहे नहीं चला पाया लेकिन उसके मारे जाने के बाद ठोकिया गैंग में शामिल हो गया और विश्वासपात्र बनकर असलहे चलाने लगा।
शारदा कोल रिश्ते के चाचा छोटा कोल की संगत में ही डकैतों तक पहुंचा था। छोटा कोल ददुआ के गिरोह में था। शारदा की हरकतों के कारण परिजनों ने उसकी शादी नहीं की। पिता की मौत के बाद वह कभी कभार मां से मिलने आता था। ठोकिया गैंग में मुठभेड़ और वारदात में आगे रहने के कारण वह विश्वासपात्र था। उसके अचूक निशाने के सभी कायल थे। ठोकिया की मौत के बाद वह बलखड़िया गैंग में शामिल हो गया। 2015 में बलखड़िया के मारे जाने के बाद बबुली कोल सरगना बना तो वह खास सिपहसलार बन गया।
मोबाइल से खुलेंगे कई राज
मानिकपुर। शारदा के पास मिले मोबाइल से कई राज खुल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि यह मोबाइल डाकू बबुली कोल भी इस्तेमाल करता था, जो कुछ दिनों से शारदा के पास था। यहां भी बताया जाता है कि पुलिस इसी मोबाइल की लोकेशन के कारण एकाध बार धोखा खा गई कि बबुली कोल मौजूद है। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ था। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी मोबाइल मिलने की जानकारी नहीं दे रहे हैं।
...तो जिंदा है लवलेश
चित्रकूट। 24 अगस्त को मुठभेड़ के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों और मुखबिरों ने दावा किया था कि 60 हजार के इनामी डाकू लवलेश की गोली लगने से मौत हो चुकी है। साथी डाकू उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए इधर-उधर घूम रहे हैं। अमर उजाला ने कई बार छापा कि डाकू लवलेश जिंदा है, उसे प्राथमिक इलाज भी मिल गया है। सोमवार को एडीजी बीएन सावत, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी व एसपी प्रताप गोपेंद्र ने भी माना कि लवलेश जिंदा है। घायलावस्था में वह जान बचाकर घूम रहा है।
यह टीम भी रही शामिल
चित्रकूट (ब्यूरो)। एक डकैत को मारने और दूसरे को दबोचने में जिले के कई थाने की पुलिस टीम का योगदान रहा। एसपी ने बताया कि मानिकपुर थानाध्यक्ष साजिद अली, एंटी डकैती टीम प्रभारी फिरोज खान, सर्विलांस टीम प्रभारी श्रवण कुमार सिंह, कोतवाल मनोज शुक्ला, एसआई राजेश दुबे, आरक्षी मुदित सचान, सोनू सोनकर, उत्तम, सर्वेश, राजेंद्र, संदीप, नरसिंह, धीर प्रसाद, जितेंद्र, रामप्रताप, चंद्रप्रकाश, अशोक, अनिल, प्रदीप, भूपेंद्र और बाबूलाल का भी योगदान रहा।
बेधक जंगल में हो सकते हैं बबुली-लवलेश
चित्रकूट। पकड़े गए डाकू किशोरा ने पुलिस के सामने कई राज खोले, लेकिन सरगना के बारे में ठोस जानकारी नहीं दी। उसने बताया कि औदर जंगल में मुठभेड़ के बाद पूरा गैंग तितर-बितर हो गया। सरगना बबुली व लवलेश एक साथ हैं और घायल भी हैं, लेकिन उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं है। बेधक जंगल की ओर होने की संभावना है। वह गैंग के रजोला के साथ दूसरे जंगल में पहुंच गया था। सोमवार को दोनों जंगल से छिपकर निकलने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
डकैत को मार शहीद दरोगा को दी श्रद्धांजलि
मानिकपुर। डाकू बबुली कोल गैंग के शार्प शूटर को मारकर पुलिस टीम ने कहा कि यह शहीद दरोगा जेपी सिंह को श्रद्धांजलि है। पुलिस टीम ने इस कामयाबी को शहीद दरोगा को समर्पित किया है। एडीजी बीएन सावत व डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने कहा कि दरोगा पर गोली चलाने वाले को मार लिया है, अन्य डकैतों को भी मार गिराना लक्ष्य है।