चोरी के मामले में मां-बेटे समेत तीन को कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। चोरी के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने महिला सफ ाई कर्मी समेत तीन लोगों को तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनायी है। महिला सफाईकर्मी बांदा में तैनात है।
अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जगदीश गंज निवासी रिटायर्ड डाकघर कर्मी जुगुल किशोर पुत्र जगन्नाथ प्रसाद द्विवेदी ने घर में चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस को दी तहरीर में वादी ने कहा था कि 14 जुलाई 2015 को वह सबेरे लगभग आठ बजे अपनी पत्नी लीलावती के साथ चित्रकूट गया था। वहां से वह अपने तैनाती स्थल चित्रकूट डाकघर चला गया और उसकी पुत्री रचना द्विवेदी प्राथमिक विद्यालय देउंधा में पढ़ाने चली गयी थी। दोपहर पत्नी लीलावती घर लौटी तो उसने देखा कि मुख्य गेट का ताला तो लगा था, किंतु चैनल, गैलरी और मेन स्टोर रूम के ताले टूटे पडे़ थे। साथ ही घरेलू सामान व आभूषणों के डिब्बे खाली पडे़ थे। अज्ञात चोर घर में रखा सामान तथा अलमारी से जेवर, लैपटाप, डिजिटल कैमरा, कीमती घड़िया और उनके पुत्र अमित को मिले गोल्ड मेडल के साथ 64 हजार रुपये नगद चुरा ले गये थे।
पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बांदा नगर पालिका में तैनात सफ ाई कर्मी संपत देवी पत्नी फू लचंद्र उसके पुत्र किशन और राजेश पुत्र पुन्ना को गिरफ्तार किया था। साथ ही चोरी के जेवर बरामद किये थे। तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर जिलाजज कुसुम लता ने इस मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर संपत देवी, राजेश और किशन को तीन-तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनायी है।