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डयूटी का जज्बा: कैंसर रोग से पीडि़त एडीसीपी ने बढ़ाया जिले का मान

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ए डीसीपी आनंद मिश्रा - फोटो : AMAR UJALA
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डयूटी का जज्बा: कैंसर रोग से पीडि़त एडीसीपी ने बढ़ाया जिले का मान :- कोरोनो से लडऩे के लिए खुद को खतरे में डाला, आपरेशन के बाद परिजनों को हुई जानकारी :- अपनी पत्नी सीओ आलोक को भी नहीं बताया, अब स्वस्थ्य सुधीर अग्रवाल(संवाद) चित्रकूट। कोरोना वायरस से देशवासियों को बचाने के लिए हर शख्स प्रयासरत है जिसमें खाकी की भूमिका सराहनीय है। ऐसे ही एक जांबाज चित्रकूट जनपद निवासी एडीसीपी आनन्द मिश्रा ने दिल्ली में अपनी तैनाती स्थल में ड्यूटी को लेकर गजब का जज्बा दिखाया है। कैंसर से पीडि़त होने के बावजूद वह पिछले एक माह से लगातार दिल्ली वासियों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिए ड्यूटी करते रहे। मुख्यालय कर्वी निवासी महेन्द्र कुमार मिश्रा के पुत्र आनन्द मिश्रा इन दिनों बाहरी दिल्ली में एडीसीपी पद पर तैनात हैं। दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर उच्चाधिकारियों ने उनकों अहम जिम्मेदारियां सौंप रखी हैं। देश में लॉक डाउन के दौरान 29 मार्च को गले में हल्की सूजन होने पर उन्होंने दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीटयूट में अपनी जांच कराई। जिस पर वहां के डाक्टरों ने प्राथमिक जांच में आनन्द मिश्रा को कैंसर के लक्षण बताएं। इसके बावजूद उनके अन्दर दिल्लीवासियों को कोरोना से बचाने का जूनून इस कदर था कि उन्होंने यह बात मथुरा में पुलिस क्षेत्राधिकारी पद पर तैनात अपनी पत्नी आलोक दुबे से भी नहीं बताई और न ही अपने छोटे भाई अभिषेक मिश्रा, बड़े भाई नलज मिश्रा से बताई। दो दिन पूर्व जब राजीव गांधी कैंसर इंस्टीटयूट के डाक्टरों ने उन्हें बाहर जाकर ड्यूटी करने से रोक दिया और आपरेशन किया गया तो इस मामले की जानकारी परिजनों को हो सकी। रविवार को नके छोटे भाई अभिषेक ने बताया कि अस्पताल में तैनात सहपाठी चिकित्सक डा जितेन्द्र द्वारा उन्हें इस आपरेशन की जानकारी दी गयी। जिसके बाद उनके पूरे परिवार के होश उड़ गये। उन्होंने बताया कि बड़े भाई आनन्द 2009 में दिल्ली पुलिस में एसीपी बनने के बाद से लगातार कर्तव्य के प्रति समर्पण भाव से काम करते रहे हैं। हालाकि पूरे परिवार का मन उनके पास जाने का है, लेकिन भाई का संदेशा मिला है कि अब लॉक डाउन के बाद ही मुलाकात होगी। ऐसे में वह सभी लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। साथ ही उन्हें आनन्द मिश्रा की कर्तव्य परायणता पर गर्व है। गौरतलब है कि इस युवा आईपीएस अधिकारी की कर्तव्य परायणता की सराहना दिल्ली पुलिस के पीआरओ रंदीप सिंह रंधावा ने भी की है। जिसके बाद से वह चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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