राजापुर/मऊ(चित्रकूट)। यमुना नदी का जलस्तर दो दिन में ढाई मीटर बढ़ा है। हर घंटे लगभग दो सेमी की गति से पानी बढ़ रहा है। हालांकि अभी खतरे के निशान से पानी काफी नीचे है। मऊ क्षेत्र में सड़कों पर बने रपटों में पानी भरने से कुछ गांवों का आवागमन बंद हो गया है। नदी किनारे के खेतों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाई है। सभी बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। नाव के संचालन पर रोक के बाद भी कुछ नाविक नाव चला रहे हैं।
राजापुर क्षेत्र में सरधुआ के अर्की मार्ग पर दोनों तरफ यमुना का पानी नाले के जरिए भर गया है। सड़क के ऊपर पानी नहीं आया। प्रधान सरधुआ कमलेश प्रजापति ने बताया कि अभी यमुना का पानी गांव के नजदीक नहीं है। एसडीएम राजापुर प्रमोद झा ने बताया कि यमुना के तटवर्ती गांवों में नजर रखी जा रही है। सभी आठ बाढ़ चौकियों में तैनात कर्मचारियों को गांवों का भ्रमण कर जानकारी देने के लिए कहा गया है। चिल्लीमल राकस गांव के पूर्व प्रधान करुणेश मिश्र ने बताया कि सबसे अधिक बाढ़ 1978 में आई थी। इससे गांव में पानी भर गया था।
मऊ क्षेत्र में भी यमुना का जलस्तर बढ़ने से मवईकला, बरवार, भिक्की का डेरा, बरम बाबा का पुरवा, मंडौर, बियावल, चकौर, सखौंहा, सुहेल, बराछी, तिलौली, मनकुवार, टिकरा, पश्चिम पताई, पुरबपताई गांव के आसपास पानी पहुंच गया है। अभी पानी बस्ती से दूर है, लेकिन कई खेतों में जलभराव हो गया है। मवईकला संपर्क मार्ग में रपटे के ऊपर कमर से ज्यादा पानी भर जाने से कई गांवों के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। मऊ से बरदवां संपर्क मार्ग में बरहा, बरहा कोटरा के पास सड़क पर पानी आ गया है। इससे घुरेहटा, परदवां, पाली के अलावा पड़ोसी जनपद प्रयागराज के पड़वा, प्रतापपुर, लालापुर, शिवराजपुर तक का आवागमन प्रभावित है।