चित्रकूट। नाबालिग छात्रा से दुराचार के मामले में अदालत ने ट्रक चालक को दोषी पाया। पाक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने ट्रक चालक को दस साल कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि कर्वी कोतवाली में एक व्यक्ति ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी बेटी कक्षा 11 की छात्रा थी। 30 जुलाई 2015 को अपराह्न करीब तीन बजे छोटी बहन के साथ दवा कराने पावर हाउस के पास गई थी।
रास्ते में रामू ने उसकी बेटी को बुला लिया था। इसके बाद बेटी छोटी बहन को घर में छोड़कर शाम पांच बजे रामू के साथ चली गई और वह घर में रखा जेवर और नकदी भी ले गई। आरोपी युवक ट्रक ड्राइवर था और घटना के बाद से फरार हो गया था।
पुलिस ने ट्रक ड्राइवर रामू को गिरफ्तार करने के साथ छात्रा को भी खोज लिया था। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध पाक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
कर्वी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रभावी पैरवी करते हुए समय से गवाहों को न्यायालय में पेशी कराई। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को पाक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय के लाल ने दोषसिद्ध होने पर रामू को दस साल कारावास के साथ 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसले के बाद रामू को जिला कारागार भेज दिया गया।