फोटो-1- विरक्त संत मंडल कमेटी की बैठक में मौजूद साधूसंत व महंत। संवाद
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चित्रकूट। सड़कों के किनारे अतिक्रमण हटाओ अभियान का साधु-संतों ने बैठक कर विरोध जताया है। कहा कि सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर अतिक्रमण हटाने से कई मठ मंदिर के भवन भी गिराने की साजिश रची जा रही है, जिसके विरोध में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
मध्यप्रदेश सीमा अंतर्गत जानकीकुंड के पास स्थित एक आश्रम में शुक्रवार को विरक्त संत मंडल कमेटी की बैठक हुई। संतों ने कहा चित्रकूट तीर्थ स्थल पर कई प्राचीन मंदिर धरोहर के रूप में हैं। उनको आज तोड़ने की बात की जा रही है। कई मंदिरों में जिस स्थान पर भगवान की मूर्तियां स्थापित हैं उस स्थान तक अतिक्रमण के नाम पर लाल निशान लगा दिया गया है। जबकि सन 2013 में सभी संतों की सहमति से सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाया गया था।
निर्णय लिया गया था, कि इसके बाद भविष्य में अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। अब पुन: सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की बात कही जा रही है। यदि मंदिरों में तोड़फोड़ की गई तो वह आंदोलन करेंगे। विकास के नाम पर सरकार ने बडे़ बडे़ वादे किए थे लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। निर्णय लिया गया कि जिले के प्रतिनिधियों व अधिकारियों से इस मामले में बात की जाएगी।
इस मौके पर कामदगिरि प्रमुखद्वार के संत मदनगोपाल दास, महंत रामहृदय दास, जगतराम दास, सीताशरण दास, रामकुमार दास, सच्चिदानंद दास, बालक दास, गुलजारदास, बलरामदास आदि मौजूद रहे।
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अनूप दुबे