फोटो-3- शहर के परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद
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चित्रकूट। पीईटी पहले दिन नौ केंद्रों में हुई। दो पालियों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक परीक्षा हुई। प्रत्येक पाली में 4392 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दिया। 17,568 परीक्षार्थियों में शनिवार को 8,784 परीक्षार्थियों की मौजूदगी से परीक्षा केंद्रों के बाहर मेला सा नजारा रहा। डीएम अभिषेक आनंद व एसपी अतुल शर्मा ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी।
पीईटी परीक्षा के लिए सुबह से परीक्षार्थी व उनके अभिभावक केंद्रों के बाहर डटे रहे। परीक्षा का समय होते ही गेट के पास पहुंच गए। जहां पर उनकी तलासी ली गई। इसके बाद अंदर जाने दिया गया। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए चार सेक्टर मजिस्ट्रेट व स्टेटिक मजिस्ट्रेट सहित सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। जिले के सभी नौ सेंटरों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संपन्न हुई। जिसमें प्रमुख गेट में परीक्षार्थियों की तलाशी लेकर अंदर जाने दिया गया। कैमरे की नजर में परीक्षा कराई गई।
परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में खासा उत्साह देखा गया। किसी परीक्षार्थी ने कहा कि सरल प्रश्न पत्र आया तो किसी ने कहा कि कठिन रहा। आवागन की समस्या को लेकर कहा कि वाहनों की समस्या को लेकर ज्यादातर परीक्षार्थी अपने निजी साधनों से आए हैं। कौशांबी जिले के अकिल सराय कस्बा निवासी गणेश द्विवेदी ने बताया कि प्रश्नपत्र में हिंदी, अंग्रेजी व साइंस के प्रश्न आए आए थे। प्रश्न पत्र सरल रहा। बताया कि आवागमन करने में समस्या का सामना करना पड़ा।डग्गामार वाहनों का ही इस्तेमाल करना पड़ा।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की अनुप्रिया ने बताया कि आशा के अनुरूप प्रश्न पत्र नहीं आया। कुछ प्रश्न बहुत कठिन रहे। जिससे हल करने में समस्या हुई। बताया कि एक दिन पहले से ही वह यहां आ गई थी। प्रयागराज के पंकज ने बताया कि परीक्षा के दौरान अधिक कड़ाई होने से परीक्षार्थियों में तनाव देखा गया। गेट में दो दो बार तलाशी ले रहे। कक्ष में कोई न कोई अधिकारी आकर निरीक्षण भी करता रहा।
कौशाबी जिले के सिराथु कस्बे की रहने वाली सरिता केसरवानी ने बताया कि सबसे अधिक समस्य सिराथू से चित्रकूट जिले में आने पर हुई। इस रूट पर बहुत कम रोडवेज चलती है। डग्गामार वाहन में भी जगह नहीं मिल रही थी।