चित्रकूट। शादी का झांसा देकर युवती के शारीरिक शोषण व आत्महत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने अभियुक्त को पांच वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बुधवार को अभियोजन अधिकारी गोपालदास ने बताया कि हमीरपुर जिले की वादी महिला ने कोतवाली कर्वी में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि बेटी जिले की एक सीएचसी में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत थी। यहीं जुनैद उर्फ काकू भी संविदा पर बतौर चिकित्सक था। उसने शादी का झांसा देकर पुत्री का शारीरिक शोषण करता था। आरोपी ने एमएमएस भी बनाया था।
इसके बाद जुनैद ने शादी से इन्कार कर दिया। इससे आहत बेटी ने खुदकुशी कर ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सत्र परीक्षण के दौरान बचाव व अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी विनीत नारायण पांडेय ने मामले में दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त जुनैद को पांच वर्ष का सश्रम कारावास व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।