चित्रकूट। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा रविवार को पत्नी पूजा पुजारा और अन्य परिजनों के साथ धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे। कई तीर्थ स्थानों का दर्शन कर पूजा पाठ किया। जानकीकुंड स्थित सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित नेत्र चिकित्सालय का भ्रमण किया। अस्पताल में किए जा रहे कार्यों की सराहना किया। प्रशंसकों की सेल्फी और ऑटोग्राफ लेने के लिए भीड़ लगी रही।
पुजारा ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मंदिरों में दर्शन कर साधु संतों का आशीर्वाद लिया। जानकीकुंड के नेत्र चिकित्सालय में आई बैंक, ऑपरेशन थियेटर, ट्रेनिग सेंटर, सहित सद्गुरु सेवा संघ से संचालित गोशाला, स्कूलों और रघुवीर मंदिर का निरीक्षण किया। भंडारे मेें खुद क्रिकेटर ने साधु संतों को भोजन परोसा। अस्पताल के निदेशक डॉ. बीके जैन से उन्होंने चित्रकूट तीर्थ स्थानों की जानकारी ली।
बताया कि उनके गुरु हरिचरण दास के गुरु रणछोड़दास महराज थे। जो चित्रकूट तीर्थ स्थान के थे। इस कारण यहां आने की बहुत इच्छा रहती है। यहां आकर सद्गुरु सेवा संघ द्वारा मानव सेवा, गो सेवा व साधु सेवा देखकर मन प्रसन्न हो गया। संकल्प लिया है कि जितना हो सकेगा मानव सेवा के लिए कार्य करेंगे। इस मौके पर शिक्षा समिति की अध्यक्ष उषा जैन, अस्पताल के एलीमेटर डॉ. इलेश जैन आदि ने उन्हें स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया।
भारतीय क्रिकेट टीम की दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा जानकीकुंड स्थित स्टेडियम में स्थानीय खिलाड़ियों से मिले और उन्हें बल्लेबाजी के गुर सिखाए। कहा कि वे भारतीय टीम में स्थायी सदस्य बने रहना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत व प्रतिस्पर्धा से गुजरना पड़ता है। ट्वंटी ट्वंटी क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय होने के सवाल पर कहा कि वे टेस्ट के लिए ही परफेक्ट हैं।
यही असली क्रिकेट है, जिसमें हर तरह से खिलाड़ी की परीक्षा होती है।
रविवार को आए चेतेश्वर पुजारा ने संक्षिप्त बातचीत में क्रिकेट कम धार्मिकता की बातें ज्यादा कीं। चित्रकूट के विकास को लेकर कहा कि यह धार्मिक नगरी है और इसमें कमी न निकाली जाए। प्राकृतिक सौंदर्य ही इसकी पहचान है। उनके परिवार का यहां से गहरा नाता है। विश्व कप के लिए भारत की दावेदारी के सवाल पर कहा कि भारत ही प्रबल दावेदार है उसे आस्ट्रेलिया व इंग्लैंड से कडी टक्कर मिलेगी।
सुधीर अग्रवाल