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कुमार विश्वास की कविताओं पर झूमे लोग

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फोटो- 1- काव्य पाठ करते डा. कुमार विश्वास। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। शरदोत्सव में प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने सांस्कृतिक मंच पर हास्य व्यंग्य और वीर रस की कविताएं प्रस्तुत की। दर्शकों ने उनकी कविताओं पर खूब तालियां बजाईं।
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उद्यमिता विद्यापीठ परिसर में रिमझिम बारिश के बीच कवि कुमार विश्वास ने राजनीतिक दलों पर कविता से तंज कसा। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर व्यंग्य किया कि भाजपा ने कमलनाथ की सरकार को कमल की सरकार समझकर हथिया ली। उन्होंने कविता, गीत और गजलों से श्रोताओं को बांधे रखा।
उन्होंने पढ़ा मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं। हवा का काम है चलना दिए का काम है जलना, वो अपना काम करती है मैं अपना काम करता हूं। श्रोताओं के आग्रह पर ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है’ पढ़ा तो तालियों की गड़गड़ाहट होने लगी। स्वयं से दूर हो तुम भी स्वयं से दूर हैं हम भी कविता की पंक्ति सुनाई तो दर्शक खुशी से झूम उठे।
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पुरुषार्थ पर कहा कि भगवान राम ने दक्षिण में विजय पर्व मनाया। अयोध्या में संकल्प पर्व और चित्रकूट में पुरुषार्थ पर्व। दशरथ नंदन श्रीराम जब अयोध्या थे तब सिर्फ राजकुमार थे, वे जब चित्रकूट आए तभी मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए।

फोटो- 2- उद्यमिता विद्यापीठ में चल रहे शरदोत्सव कार्यक्रम में मौजूद श्रोतागण। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

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