चित्रकूट। प्रेम संबंध में रोड़ा बनने पर व्यावसायिक साझेदार की हत्या करने वाले को जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि पटिया जब्ती गांव निवासी भोला यादव ने गांव के ही छह लोगों के खिलाफ बेटे की हत्या करने के मामले में पहाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। भोला ने बताया था कि उसका पुत्र अशोक कुमार (24) 10 सितंबर 2012 को अपनी बाइक ठीक कराने पटिया जब्ती से शिवरामपुर आया था। बाइक ठीक कराकर वह देर शाम वापस लौट रहा था। रात में आठ बजे उसने बहन को फोन पर बताया कि वह रास्ते में है और घर आ रहा है। इसके बाद उसका फोन स्विच आफ हो गया।
दूसरे दिन 11 सितंबर 2012 को प्रात: दस बजे रमयापुर गांव के बाहर अशोक का शव बरामद हुआ। भोला ने इस मामले में पुरानी रंजिश का आधार बनाते हुए गांव के ही मन्ना, लल्ला, किशुनिया, रामबाबू, पप्पू और मूरतध्वज को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस की विवेचना में यह तथ्य उजागर हुआ कि नामजद लोगों ने हत्या नहीं की है। अशोक की हत्या उसके व्यापारिक साझेदार मानिकपुर क्षेत्र के सरैंया चौकी के बगइचापुरवा निवासी मूलचंद्र उर्फ मुल्ला यादव ने हत्या की है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार एक ही युवती से प्रेम संबंध होने की वजह से मूलचंद्र ने बाइक से घर जा रहे अशोक को रास्ते में रोककर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर भाग गया था। जंगली जानवरों ने रात में शव क्षत विक्षत कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में मूलचंद्र के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था।
इसके बाद मृतक के पिता ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर गांव के नामजद किए जा चुके आरोपियों को फिर से तलब करा लिया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर मूलचंद्र उर्फ मुल्ला को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।