फोटो-11-रामघाट पर अतिक्रमण हटाता बुल्डोजर। संवाद
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चित्रकूट/खोही। धर्मनगरी के रामघाट समेत अन्य तीर्थ स्थलों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। सुंदरीकरण में बाधा बनीं मंदाकिनी नदी किनारे बनी दुकानों को बुलडोजर से हटवाया गया है। जिन दुकानदारों के पास स्वामित्व के कागज हैं, उन्हें उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया। जिनके कागज नहीं मिले, उनकी दुकानें ढहाई गईं। इस दौरान कई बार दुकानदारों से तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी। नगर पालिका प्रशासन पर जबरदस्ती करने के आरोप दुकानदारों ने लगाए।
मंदाकिनी नदी किनारे रामघाट से लेकर बूड़े हनुमान मंदिर तक घाट बने हैं, लेकिन रामघाट के आधे हिस्से के बाद सीतापुर की ओर जाने वाली बस्ती की तरफ नदी की साइड में दुकानें बनी होने से रास्ता बेहद संकरा है। मंदाकिनी का घाट भी आधा दबा रहता है। तत्कालीन डीएम विशाख जी अय्यर के कार्यकाल में इसके चौड़ीकरण की योजना बनी थी। इसे डीएम अभिषेक आनंद की अगुवाई में अमली जामा पहनाया जा रहा है।
रविवार को रामघाट से बूढ़े हनुमान मंदिर के घाट की ओर बनी दुकानों को बुलडोजर से हटाया गया। दुकानदार बच्चा अग्रहरि, शिवकुमार केशरवानी, विक्रम, संजीत मोदनवाल, संतोष कोटार्य, शुभम केशरवानी, रंजीत व सोनू गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों से अभद्रता की। इससे कई बार तनाव की स्थिति बनी, लेकिन बाद में सब सामान्य हो गया।
सभी की रजामंदी से कराए जा रहे विकास कार्य
डीएम अभिषेक आनंद ने बताया कि इस अतिक्रमण के हटने से रामघाट का सुंदरीकरण व चौडीक़रण होगा। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन में परेशानी भी कम हो जाएगी। इस प्रस्ताव में जिन दुकानदारों के पास स्वामित्व के कागज हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। जिनके पास कागज नहीं है, उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया है। सभी की रजामंदी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं।