चित्रकूट। जिला जेल प्रकरण में डिप्टी जेलर व चार अन्य वार्डरों के आवास की छानबीन की गई। इसके पूर्व उनके बयानों में कुछ भिन्नता मिलने पर सीसीटीवी फुटेज से इसका मिलान कार्य भी जारी रहा। बताया गया है कि अभी तक इनके आवास से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।
गौरतलब है कि 10 फरवरी को जिला जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र विधायक अब्बास अंसारी से गैरकानूनी तरीके से मिलने के आरोप में उसकी पत्नी निखत बानो व सहयोगी चालक नियाज को मुखबिर की सूचना पर डीएम व एसपी ने पकड़ा था। दोनों जेल में हैं। नियमों का लगातार कई दिनों तक उल्लंघन करने व आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी के बाद से एसटीएफ व एसआईटी की टीम की जांच जारी है।
नामजदों के अलावा कुछ लोगों के जेल जाने के बाद एसआईटी पूरी तरह आश्वस्त होना चाहती है कि कहीं कोई निर्दोष न फंसे और दोषी बचने न पाए। इसी क्रम में रविवार को विवेचना कर रही टीम ने डिप्टी जेलर पीयुष पांडेय, वार्डर रहीम, सत्येंद्र कुमार, अभय प्रताप सिंह, जगदीश के बयानों को सीसीटीवी फुटेज से मिलान कराया है। इनसे तीन दिनों से क्रमवार जानकारी एकत्र की जा रही है।
डयूटी चार्ट के अनुसार इनकी मुख्य गेट, डिप्टी जेलर के कमरे के बाहर व विधायक अब्बास के बैरक से लेकर गेट के रास्ते पर डयूटी कई बार लगी है। इसी आधार पर जांच टीम इनसे लगातार पूछताछ कर रही है।