राजापुर/मऊ। मंदाकिनी और यमुना की बाढ़ की स्थिति गुरुवार को और भयावह हो गई। आधा दर्जन संपर्क मार्ग डूब गए, वहीं दो दर्जन गांवों में भी पानी घुस गया है।
राजापुर की कमासिन रोड पर सरधुवा अर्की मोड़ पर पानी भर गया। इससे तिरहार के सभी गांवों व कमासिन बबेरू, बांदा का रास्ता बाधित हो गया है। प्रशासन ने इस पार से उस पार जाने के लिए नाव की सुविधा मुहैया कराई है। वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा दी गई है। यहां शाम छह बजे यमुना का जलस्तर 91.16 मीटर रिकार्ड किया गया। पांच सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। वहीं, मानिकपुर के हनुमा गांव में बाढ़ से आवागमन बाधित हो गया।
मऊ में छोई नदी, घुरेहटा नदी, पूरबपताई और पश्चिम पताई के मध्य की नदी व मानकुंवर तिलौली के मध्य की नदी, तिलौली और सेषा गांव के मध्य की नदियों का सीधा संपर्क यमुना नदी से है। ये सभी नदियां उफनाई हुईं हैं। इनका पानी सड़कों तक पहुंच गया है। फसलें डूब गईं हैं। भीषण बाढ़ के कारण आवागमन बाधित है। अंतिम छोर पर बुंदेला नाला, पर्दवां ग्राम पंचायत के पाली कुरिया नाला, बरहा कोटरा का जमोहर नाला उफनाने से रपटे डूब गए। करीब दो दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। मवई कला गांव के अंदर यमुना नदी का घुस गया है।
मंडौर दूबारी, वियावल, ताड़ी, बरवार आदि गांव यमुना की बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बाजरा, अरहर, तिली, धान, सब्जी आदि फसलों का नुकसान हुआ है।
राजापुर एसडीएम प्रमोद झा के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। नावों की व्यवस्था कराई गई है।