चित्रकूट। निर्माणाधीन भवन देखने पहुंचे भवन स्वामी पर हमले के मामले में दोषसिद्ध होने पर हमलावर को अपर सत्र न्यायाधीश ने चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 13 हजार रुपये अर्थदंड भी देय होगा।
शनिवार को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील सिंह ने बताया कि मानिकपुर निवासी राजीव सेन ने 23 अगस्त 2007 को मानिकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 अगस्त 2007 को वह कचहरी से लौटकर महावीरनगर स्थित अपने निर्माणाधीन मकान में चल रहे छपाई कार्य को देखने गया था।
इसी दौरान शाम को निर्माणाधीन भवन के कमरे में दाखिल होते ही पीछे से घात लगाए मोहल्ले के ही रहने वाले रतिपाल उर्फ कुंदन यादव ने अपने परिवारिक सदस्यों के साथ उस पर हमला कर दिया। इस दौरान बचाव में आने पर उसकी मां गायत्री देवी को भी हमलावरों ने पीटा। जिससे वह घायल हो गईं। इसके बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले थे।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने रतिपाल उर्फ कुंदन को चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई साथ ही 13 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।