फोटो- 8- कोतवाली में जानकारी देते किसान। संवाद
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चित्रकूट। ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के बाद कंपनी के दो एजेंटों पर किसानों से किश्त लेने के बाद जमा न करने के आरोप लगे हैं। कंपनी की नोटिस पहुंचने पर किसानों ने एजेंटों को पकडक़र पुलिस के हवाले किया और तहरीर दी है। देर शाम तक कोतवाली परिसर में जांच पड़ताल व पूछताछ का दौर जारी रहा।
अरछा गांव निवासी आलोक सिंह ने बताया कि भाई अवनीश के नाम पर 2021 में हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। कंपनी के एजेंट अगरहुंडा निवासी सुनील सिंह और लोहदा निवासी संजीव सिंह को तीस हजार और एक लाख दो हजार रुपये की दो किस्तें दी। एजेंटों ने रसीद भी दी। कंपनी की ओर से फोन आया कि उनकी किस्त नहीं जमा हैं। जब कंपनी को रसीद दिखाई गई तो उसे नकली बताई।
कुछ ऐसा ही किसान रज्जन यादव भसौंधा, गोलू गाहुर, सुदर्शन, पुष्पा अमिलिहा, कमलेश इटहा, विमलेश भसौंधा, अमित बाबूपुर, अनिल पटेल सेमरिया, रामदीन लोहदा, यदुवेंद्र मिश्रा ब्यूर और शैंलेंद्र सिंह अहिरनपुरवा के साथ भी हुआ है। इनकी भी किस्त इन्हीं एजेंटों ने लेकर जो रसीदे दीं, उसे नकली बताया गया है।
गुरुवार को दोनों एजेंटों को पकड़कर किसान कोतवाली लाए और फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को भी बुलाया गया। कोतवाल एके मिश्रा ने बताया कि मामला गंभीर है। दोनों एजेंटों से पूछताछ की जा रही है। इसमें मैनेजर की भी भूमिका की जांच हो रही है। किसानों की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।