फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दी जानकारी

विज्ञापन
ोटो-13- कार्यशाला में बोलते प्रगतिशील किसान शिवकुमार। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
विज्ञापन
चित्रकूट। विज्ञान साक्षरता व संचार के माध्यम से पर्यावरण के प्रति युवाओं को संवेदित करने के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कामदगिरि रेस्टोरेंट मे हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ शंकर दयाल व शिव कुमार शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
विज्ञापन

बुंदेलखंड डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में समन्वयक आदित्य कुमार मिश्रा ने कहा कि कार्यशाला मे विभिन्न ग्राम पंचायतों से चयनित 25 युवा प्रतिभाग कर रहे है। ग्रामीणों में पर्यावरण विज्ञान साक्षरता के प्रति समझ विकसित करना, विज्ञान मीडिया के माध्यम से प्राकृतिक संसाधन के संरक्षण के प्रति संवेदित, प्राकृतिक संसाधन के पुनरउपयोग की प्रवृत्ति विकसित करना उद्देश्य है।
शंकर दयाल ने वायु प्रदूषण के बारे मे सजग किया। कहा कि जलवायु परिवर्तन के समाधान के रूप मे सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना जरूरी है। अशोक ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट पर चिंतन करने की जरूरत है। जल जीवन के लिए प्रकृति की अमूल्य संपदा है।
विज्ञापन

प्रगतिशील किसान शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि अधिकतर जनसंख्या कृषि पर निर्भर है और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इससे कुपोषण, बाल मजदूरी और पलायन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इससे निपटने के लिए युवाओं को वैज्ञानिक तरीके से औषधीय प्रजाति के पौधे लगाना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. प्रभाकर सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें