फोटो-8- शहर के ट्रैफिक चौराहे पर राष्ट्रीय रामायण मेला कार्यालय के भवन पर चलता बुलडोजर । संवाद
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चित्रकूट। जिला मुख्यालय कर्वी के सबसे व्यस्त इलाके ट्रैफिक चौराहे के पास स्थित 58 साल पुराने राष्ट्रीय रामायण मेला कार्यालय भवन पर प्रशासन का बुलडोजर चला। इसे लेकर कई घंटे तक स्थानीय दुकानदारों से तहसीलदार और नगर पालिका के अधिकारियों की तीखी नोकझोंक हुई। हालात कई बार बिगड़े, लेकिन मौके पर कोतवाली पुलिस टीम ने पहुंचकर स्थिति संभाली।
सदर विधायक अनिल प्रधान भी मौके पर पहुंचे और बुलडोजर के सामने खड़े होकर विरोध किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने जब समझाया कि यह कार्रवाई शहर के विकास में चौराहे चौड़ीकरण के लिए की गई है। तब जाकर विधायक ने नियमानुसार व बिना भेदभाव काम करने की बात कहकर विरोध खत्म किया।
गुरुवार को नगर पालिका ईओ टीम के साथ बुलडोजर लेकर शहर के ट्रैफिक चौराहे के पास पहुंचे। उन्होंने पहले से चिह्नित स्थल तक का निर्माण स्वत: हटाने के लिए लाउडस्पीकर से एनाउंस किया। लगभग दो घंटे तक कई दुकानदार व अन्य लोग सामग्री हटा रहे थे।
इसी बीच नगर पालिका के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों ने राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यालय को गिराने की बात कहने लगे। इससे लोग आक्रोशित हो गए। कार्यालय में रहने वाले और दुकानदारों ने पक्षपात व द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाकर विरोध किया। चौराहा चौड़ीकरण के लिए चिह्नित सेंटर और चौड़ीकरण के लिए स्थल बताने के लिए कहा।
इस पर तहसीलदार राकेश पांडेय व ईओ रामअचल कुरील ने कहा कि पहले चिह्नीकरण हो चुका है। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि कुछ चहेतों को बचाकर जानबूझकर कार्यालय के भवन के ज्यादा हिस्सा को निशाना बनाया गया। इसे लेकर अधिकारियों से तीखी नोकझोंक होने लगी।
इसी बीच सीओ हर्ष पांडेय व कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने आकर स्थिति को संभाला और समान रूप से अतिक्रमण हटाने की बात कही। जानकारी होते ही सपा के सदर विधायक पहुंचे और कार्रवाई पक्षपातपूर्ण बताकर बुलडोजर को रोक दिया। इस पर प्रशासन सतर्क हो गया। लोगों की भीड़ जमा हो गई। हाईवे से लेकर सदर रोड पर जाम लग गया। तहसीलदार व ईओ ने सदर विधायक को आश्वस्त किया कि किसी के साथ पक्षपात नहीं होगा।
फोटो-9- शहर के ट्रैफिक चौराहे पर राष्ट्रीय रामायण मेला कार्यालय के भवन को गिराए जाने का विरोध करते - फोटो : CHITRAKOOT