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चित्रकूट : दोष सिद्ध होने के बाद पीड़ित पक्ष की मांग पर जिला जज ने कराया समझौता

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चित्रकूट। जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने 14 साल से चल रहे मामले में कोर्ट के अंदर ही सुलह समझौता करा दिया। ऐसे में दोषी पक्ष सजा से बच गया। दोनों परिवार में कटुता भी खत्म हो गई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि बिहारा गांव के शिवचंद्र ने 14 मार्च 2008 को गांव के ही बाल कृष्ण, रामकृष्ण, राधेकृष्ण, हरिकृष्ण, गोपी कृष्ण, देवमुनी, शत्रुघ्न के विरुद्ध पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद को लेकर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दूसरे पक्ष के शिवनरेश पांडेय ने भी रामचंद्र, कृष्णचंद्र, ईश्वरचंद्र, प्रेमचंद्र, शिवचंद्र, वंशगोपाल, रामशंकर, चंद्रनारायण के विरुद्ध मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लगभग 14 साल तक न्यायालय में चले मुकदमे के दौरान एक पक्ष के एक और दूसरे पक्ष के तीन आरोपियों की मौत भी हो चुकी है।
शिवचंद्र की दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मामले में दो दिन पूर्व जिला जज ने बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बाल कृष्ण, रामकृष्ण, हरिकृष्ण, गोपी कृष्ण, शत्रुघ्न प्रसाद व राधेकृष्ण पर दोषसिद्ध पाया था। इसके बाद इन आरोपियों को हिरासत में लेकर कारागार भेजा गया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनाई के समय वादी पक्ष ने न्यायालय से अनुरोध करते हुए बताया कि वह लोग एक ही परिवार के हैं और अब भविष्य में आपस में विवाद नहीं करेंगे।
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बचाव पक्ष की सुनाई के बाद जिला जज ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए दोष सिद्ध होने के बाद भी आरोपियों को एक साल की परिविक्षा में छोड़ दिया। निर्णय के बाद 14 साल से मुकदमे को लेकर न्यायालय के चक्कर लगा रहे दोनों पक्षों के सदस्यों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर गले लगने के बाद विवाद न करने का संकल्प लिया।
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