मऊ/राजापुर। यमुना का पानी गुरुवार को स्थिर रहा। इससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि जिन गांवों में बाढ़ का पानी भरा है, वहां के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति आधी से भी कम रही।
यमुना के स्थित रहने से भी ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुई। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के रपटे के ऊपर पानी आ जाने से सड़क पर पानी भरा है। इससे मवई, पिपरी, भिख्खी का डेरा, बरवार, मंडौर, बियावल गांव में लोग नाव से आ-जा रहे हैं।
राजापुर क्षेत्र के कई गांवों में यमुना का पानी पहुंच गया है। नदी किनारे खेतों में पानी भर गया है। इससे किसान चिंतित हैं। चिल्लीराकस गांव के किसान महेश प्रसाद ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है।
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नाव का सहारा छात्र-छात्राओं को लेना पड़ा
मऊ। मऊ कस्बे में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को नाव का सहारा लेना पड़ा। मडौंर गांव के छात्र राकेश तिवारी, विमल मिश्रा ने बताया कि वे साइकिल से मऊ कस्बा स्थित कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। रास्ते में पानी भरा होने पर नाव का सहारा लेना पड़ा। संवाद
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स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची
मऊ। यमुना में बाढ़ से जो गांव प्रभावित हैं। उन गांवों में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। मवई कला गांव के हरिचंद्र, रमेश ने बताया बाढ़ से गांव के आसपास गंदगी फैल गई है। इससे बीमारी फैल सकती है। मवई कला के संदीप कुमार ने बताया कि गांव में तीन लोगों को बुखार है, लेकिन बाहर जाने वाले रास्ते में जलभराव होने से बाहर से दवा नहीं आ पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम आती तो इलाज मिल जाता। संवाद
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एसडीएम मऊ राकेश कुमार पाठक व राजापुर तहसीलदार प्रमोद झा ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। नाव मौके पर लगाई गई हैं। जलस्तर बढ़े वाले स्थानों पर लगाये गये कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि हर दो घंटे की रिपोर्ट भेजी जाए।