चित्रकूट। तीन करोड़ 70 लाख की लागत से बने स्कॉई ग्लास ब्रिज में आई दरार के मामले में सोमवार को डीएम और उप निदेशक (वन) से निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बातचीत की। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि निर्माण में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही कहा कि हैंडओवर से पहले पूर्ण भुगतान के मामले की भी जांच कराई जाएगी। हालांकि निर्माण एजेंसी का कहना है कि ब्रिज की खामियां जल्द दूर करा दी जाएंगी।
मारकुंडी के तुलसी जल प्रपात पर बने स्कॉई ग्लास ब्रिज का अभी शुभारंभ नहीं हुआ, फिर भी इसके खंभों की बीम स्थल पर दरारें आ गईं। अमर उजाला खबरें प्रकाशित होने पर डीएम शिवशरणाप्पा ने निरीक्षण कर उप निदेशक वन एनके सिंह से निर्माण एजेंसी पवनसुत कांट्रेक्शन गाजीपुर को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को निर्माण एजेंसी के कई तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी पहुंचे। टीम ने आम लोगों को ब्रिज पर जाने से मना कर दिया। साथ ही ब्रिज के दोनों गेट बंद कर दिया गया है। हैंडओवर होने के पूर्व ही इसका पूर्ण भुगतान करने की जांच की भी बात कही जा रही है।