चित्रकूट। शहर के सीआईसी परिसर के घटनास्थल पर गुरुवार की शाम को बम निरोधक दस्ते की टीम लखनऊ व प्रयागराज से पहुंची। तीन घंटे तक जांच पड़ताल के बाद स्टैंडों पर लगे पटाखों को निष्क्रिय कर कई नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। उधर, दर्ज रिपोर्ट में नामजद कंपनी के जिम्मेदारों से पूछताछ की गई। विस्फोटक में केमिकल की जांच के लिए भौतिक व रसायन विषय के विशेषज्ञ शामिल रहे।
टीम के सदस्यों ने बताया कि घटना स्थल पर सभी बम निष्क्रिय कर दिए गए हैं ऐसे में अब जमीन के अंदर लगाए गए पटाखों को हटा दिया गया है वहां कोई खतरा अब नहीं है। आशंका जताई गई कि जिस स्थान पर यह विस्फोट हुआ वहां सही तरीके से स्टैंड पर बम नहीं सेट किए गए थे। वहां पर हैंडपंप का चबूतरा है और बारिश में अर्थिंग की भी संभावना है। ऐसे में वहां पहुंचे बच्चों के छूने से शार्ट सर्किट हुआ होगा। इस संबध में एसपी अरूण कुमार सिंह ने कहा कि यह सब जांच का विषय है। सभी टीमें अपने स्तर से जांच कर रही हैं। जो रिपोर्ट दर्ज हुई है उसमें आगे की कार्रवाई की जा रही है। आतिशबाजी वाली कंपनी के नामजद हर्ष कामदार व पंकज जाट से पूछताछ जारी है।
तीन डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
हादसे में मोहित व प्रभात की मौत चित्रकूट में ही हो गई थी। प्रयागराज में यश व पारस की मौत हुई। मोहित व प्रभात का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल से वीडियो रिकाॢडंग कराकर कराया गया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों की सहमति से सीधे श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया गया। प्रयागराज में पारस व यश का पोस्टमार्टम हुआ। इसमें यश का अंतिम संस्कार प्रयागराज में हुआ जबकि पारस के शव को लेकर पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे इसके बाद अंतिम संस्कार कराया गया।