चित्रकूट जिले में शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ने आरोपी को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि कर्वी कोतवाली में एक युवती ने वर्ष 2017 में दुष्कर्म, गाली गलौज व धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़िता का कहना था कि मिर्जापुर जिले के इमरती चौराहा निवासी अंशुमान मोबाइल के जरिये उसके संपर्क में आया था। कुछ दिन तक बातचीत के बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा। इसके बाद एक फरवरी 2017 में लखनऊ में एक शादी समारोह में मुलाकात के दौरान उसने जबरन सिंदूर से उसकी मांग भर दी और इच्छा के विरुद्ध एकांत में दुष्कर्म किया।
इसके बाद कर्वी आकर मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में बने एक होटल में अलग- अलग तिथियों में शादी का झांसा देकर दुराचार करता रहा। पीड़िता के अनुसार शादी को लेकर उसकी बहानेबाजी को देखकर कोर्ट मैरिज करने के लिए समय निर्धारित करने की बात कही। जिस पर अंशुमान ने उसके साथ अभद्रता करते हुए गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) विनीत नारायण पांडेय ने इस मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी अंशुमान को दस वर्ष कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की धनराशि में से एक तिहाई धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को अदा करने के भी आदेश दिए गए हैं।