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चित्रकूटःलोक नृत्यों से कलाकारों ने मोहा मन

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फोटो-1- ओडिसा के शिव शक्ति का मंचन करते कलाकार। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। ग्रामोदय मेला में चल रहे शरदोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कई राज्यों की नृत्य गायन शैली की धूम रही। ओडिसा के शिव शक्ति व गुजरात के राठवा जनजाति लोक नृत्य ने दर्शकों का मनोरंजन कर मन मोह लिया।
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शरदोत्सव में रोजलिन सुंदराय ने शिव शक्ति, ओडिसी समूह और साथी गुजरात ने राठवा जनजातीय लोक नृत्य पेश किया। इसके बाद ऋषि विश्वकर्मा व साथी सागर ने सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय के विवेकानंद सभागार में जब प्रस्तुति की तो दर्शक मन्त्रमुग्ध हो गए। शिव स्तुति, नवदुर्गा स्तुति व शिवपंचाक्षर की प्रस्तुति सराही गई। पूरे समय तक कार्यक्रमों में लोकनृत्यों की धूम रही।
जिसमें भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को एक सूत्र में बांधने और देश की एकता में लोकनृत्यों की गंभीर भूमिका और पौराणिक आस्थाओं को केंद्र में रखकर हुए इन लोकनाट्यों में आंचलिकता की छाप स्पष्ट दिखाई दी। सागर के भजन गायक ऋषि विश्वकर्मा ने भक्ति गीतों की अनूठी छटा बिखेरी। जरा हल्के गाड़ी हांको मेरे राम..., गाड़ी वाले जरा धीरे धीरे गाड़ी हांको...जैसे गीत प्रस्तुत किए तो दर्शक दीर्घा में बैठी भीड़ को गायक ने अपनी आवाज के जादू से मंत्रमुग्ध कर दिया।

फोटो-2- भारत की सांस्कृतिक परम्पराओं को एक सूत्र में बांधने के नाटक का मंचन करते कलाकार। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

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