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Chitrakoot News: दुराचार में अपर मुख्य अधिकारी को 10 साल की कैद

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चित्रकूट। लगभग चार साल पहले यहां तैनात रहे कुशीनगर के अपर मुख्य अधिकारी को जिला जज ने दुष्कर्म का दोषी पाया। इस पर उसे 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 26 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
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गुरुवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि 4 सितंबर 2019 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पीड़िता की तहरीर पर कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता ने बताया था कि वह जिला पंचायत के तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा के घरेलू कार्य करने जाती थी। वह खाना बनाने और झाडू पोंछा का कार्य करती थी। कुछ दिन तक काम करने के बाद अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि उसके तीन बच्चे हैं और पत्नी का निधन हो गया है। ऐसे में बच्चों और गृहस्थी को चलाने के लिए उसे दूसरी शादी करनी है। सजातीय होने का हवाला देते हुए शादी का झांसा देकर उससे नजदीकियां बढ़ाकर शारीरिक शोषण करने लगा। पीड़िता के अनुसार अप्रैल 2018 में आरोपी के यौन शोषण के कारण वह गर्भवती हो गयी। इसकी जानकारी होने पर आरोपी ने शादी का आश्वासन देते हुए गर्भपात करा दिया। कई महीनों तक आरोपी का शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। मई 2019 में फिर से गर्भवती होने पर आरोपी अपर मुख्य अधिकारी नाराज हो गया और शादी की बात कहने पर गाली गलौज करते हुए गर्भपात कराने को कहा। गर्भपात से मना करने पर पीड़िता को आरोपी ने अपहरण कराने और जान से मारने की धमकी दी।
मामले की जानकारी पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देश दिए जाने पर कर्वी कोतवाली में अभियोग पंजीकृत किया गया था। साथ ही उसका चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने इस मामले में सजा सुनाई। दोष सिद्ध होने पर अपर मुख्य अधिकारी को 10 वर्ष कठोर कारावास और 26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
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