दुष्कर्म मामले में सात साल की सजा
चित्रकूट। नाबालिक से दुराचार मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने अभियुक्त को सात वर्ष की सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि तीन अगस्त 2015 को मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया था कि शाम को उसकी आठ वर्षीय पुत्री को गांव का ही छोटू पुत्र मोहनलाल अपने खेत के पास बने नलकूप के कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज दिनेश कुमार प्रथम ने शनिवार को अभियुक्त छोटू को सात साल की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।