चित्रकूट। आम लेने गई सात वर्षीय बच्ची से दुराचार के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोषी को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत में यह फैसला 26 माह में आया है।
लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि भरतकूप थाना क्षेत्र के एक गांव कि महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार मई 2021 की दोपहर को उसकी सात वर्षीय बेटी घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ के पास आम लेने गई थी। इस दौरान आरोपी बीरा माफी गांव निवासी रोहित प्रजापति ने महुआ के पेड़ के पास ले जाकर उसकी बालिका के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बालिका का चिकित्सीय परीक्षण कराया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
गुरुवार को लगभग 26 माह पहले हुई इस घटना में बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोषी रोहित को 20 वर्ष सश्रम कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।