चित्रकूट। बकरी चराने गई किशोरी से दुष्कर्म में न्यायालय ने दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सात हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा दोषी के माता-पिता को भी चार-चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
रैपुरा थाना क्षेत्र की महिला ने बताया कि 6 जुलाई 2022 की दोपहर उसकी 14 वर्षीय बेटी धान की फसल की रखवाली कर रही थी। साथ ही बकरी भी चरा रही थी। खेत से दूर गई बकरी को पकड़ने के लिए बेटी चली गई। वहां पर गुड्डू उसकी बेटी को जबरन तालाब के पास घसीटकर ले गया और दुष्कर्म किया।
घर लौटने पर बेटी ने आपबीती बताई। इस पर वह उलाहना देने आरोपी के घर गई। वहां गुड्डू के पिता किशोरी लाल और मां विषमतिया ने भी गाली गलौज किया व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बुधवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर गुड्डू को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मुख्य आरोपी के पिता किशोरी लाल व मां विषमतिया को भी चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।