चित्रकूट। दुष्कर्म के मामले में दोषी को न्यायालय ने 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह एवं अभियोजन अधिकारी सिद्धार्थ आनंद सिंह ने बताया कि मऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में एक महिला 11 दिसंबर 2017 को साढे़ चार बजे लकड़ियां लेने नाले के पास गई थी। इस दौरान वहां चंदई गांव के निवासी हरी प्रसाद उसे जबरन नाले की तरफ खींच ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश संजय के लाल ने इस मामले में निर्णय सुनाया। इसमें दोष सिद्ध होने पर दोषी हरी प्रसाद को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।