इलिया। चकिया कोतवाली के शाहपुर निवासी युवक की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। युवक सोमवार की रात से गायब था। उसका शव जनकपुर गांव के समीप मंगलवार की सुबह जनकपुर माइनर में उतराया मिला। युवक के चेहरे और सिर पर चोट के निशान थे। परिवार वालों ने युवक की हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप लगाया है। सूचना पाकर सीओ चकिया प्रीति त्रिपाठी, कोतवाल नागेंद्र प्रताप सिंह पहुंच गए। यहां ग्रामीणों ने शव पुलिस को देने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया। बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं परिवार वालों की तहरीर पर पुलिस ने भट्ठा मालिक और मुंशी को हिरासत में ली है। शाहपुर निवासी हनुमान (24) पुत्र शिव कुमार गांधीनगर गांव के समीप एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। ईट भट्टे पर जेसीबी से मिट्टी खुदाई का कार्य हो रहा था। इसके लिए सोमवार की शाम हनुमान गांव के ही ट्रैक्टर ड्राइवर हौसिला तथा भट्ठा के मुंशी सियाराम उसे घर से बुलाकर ले गए लेकिन देर रात तक वह वापस नहीं लौटा। इससे परिवार वाले उससे ढुंढने लगे लेकिन पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह हनुमान का शव ईट भट्ठे से दो सौ मीटर दूर जनकपुर माइनर में मिला। मृतक के बड़े भाई सर्वेश ने बताया कि भाई हनुमान, रमेश मौर्या के ईट भट्टे पर मजदूरी का काम करता था। साथ में ईट भट्ठा के मैनेजर गुड्डू, अंसारी, मुंशी सियाराम, ट्रैक्टर ड्राइवर हौसला भी साथ रहते थे। घटना की सूचना पर एडिशनल एसपी ऑपरेशन अनिल कुमार, उप जिलाधिकारी अजय मिश्र मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस को बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया। उसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इस मामले में ईंट भट्ठा मालिक रमेश मौर्य, मैनेजर गुड्डू को हिरासत में लिया है। ईट भट्ठा के मुंशी, ट्रैक्टर ड्राइवर सहित तीन अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।