संतान के दीर्घायु की कामना से किया जाने वाला जीवित्पुत्रिका पर्व सोमवार को विधि विधान से मनाया गया।
महिलाओं ने निराजल व्रत रखकर संतान के दीर्घायु की कामना की।
सोमवार की सुबह स्नान ध्यान के बाद महिलाएं पूजा अर्चना की तैयारी में जुट
गई।
दोपहर बाद महिलाएं शृंगार कर पूजा की थाल सजायी और समीपवर्ती सरोवरों
पर पहुंच कर मां लक्ष्मी की प्रतिमा बनायी और षोडषोपचार विधि से पूजा
अर्चना की।
नगर के राम मंदिर, गया कालोनी के मान सरोवर तालाब, कैलाशपुरी के
काली मंदिर, परशुरामपुर तालाब सहित अन्य सरोवरों के तटों पर महिलाओं की
भीड़ जुटी।
परशुरामपुर में तालाब के किनारे साफ सफाई न होने से व्रती
महिलाओं को दिक्कत हुई।
सैयदराजा संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत कार्यालय
के समीप पोखरे के पास शाम महिलाओं ने पूजा अर्चना की। चकिया संवाददाता के
अनुसार काली मंदिर के पोखरे पर और शिकारगंज पोखरे पर महिलाएं जुटीं।
पड़ाव व
चहनियां संवाददाता के अनुसार स्थानीय बाजार के साथ, मारुफपुर, टांडा, बलुआ
सहित पूरे इलाके में तालाबों के किनारे भीड़ जुटी।