इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मामला थाने तक पहुंच गया। पति-पत्नी के बीच हुए विवाद को लेकर थाने में पंचायत भी हुई थी। रविवार शाम भी इसी मामले को लेकर मंजू और बच्चा भिड़ गए। गुस्से में मंजू अपने तीन बच्चों आराध्या (6), अमृता (4) और आठ माह के अंकित के लेकर घर से निकल गई।
मंजू ने अपने भाई और भाभी को मोबाइल से मैसेज भेजा कि वह मरने जा रही है। मैसेज पढ़कर उसका भाई ब्रजेश यादव अवधूत भगवान राम हॉल्ट पहुंचा तो उसकी बहन और दो बच्चों के शव क्षत-विक्षत पड़े थे। आठ माह का मासूम रेलवे लाइन के किनारे लहूलुहान स्थिति में था और रो रहा था। अपनों का शव देख ब्रजेश यादव चीखने-चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
घटनास्थल का नजारा देख कांप उठे। सूचना पर जलीलपुर पुलिस चौकी के साथ कोतवाली पुलिस पहुंच गई। सीओ पीडीडीयू नगर अनिरुद्ध सिंह भी मौके पर पहुंचे। रेलवे ट्रैक पर दूर तक बिखरे क्षत-विक्षत शवों को समेटा गया। दिल दहला देने वाली घटना में जिंदा बचे दुधमुंहे बच्चे को आननफानन अस्पताल भिजवाया गया।
सूचना पर पति और उसके परिजनों के साथ मंजू के मायके के लोग अस्पताल पहुंच गए। सभी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सीओ अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे कि कार्रवाई की जाएगी।